बी. प्रभाकरन की परिकल्पना से गढ़े गए कुशल एवं रोजगार-योग्य युवा
गढ़चिरौली : गढ़चिरौली के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में परिवर्तन लाने की परिकल्पना के साथ स्थापित लॉयड्स मिशन फॉर ग्लोबल स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप (LMGSE) ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस अवसर पर LMGSE के पहले बैच के प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कुल 193 छात्रों ने 45 दिनों के गहन कौशल विकास कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया, जिससे क्षेत्र में उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई।
। वे गढ़चिरौली के युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध रहे हैं। उनकी आकांक्षा एक ऐसे समर्पित संस्थान की स्थापना की थी, जो स्थानीय प्रतिभाओं को संवारकर उन्हें उद्योग-योग्य बनाए और जिले के तीव्र गति से विकसित हो रहे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप उनके कौशल को सशक्त करे।
आकांक्षा और रोजगार के बीच सेतु के रूप में परिकल्पित LMGSE का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक, व्यावसायिक तथा वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक कौशल प्रदान कर महत्वपूर्ण कौशल अंतर को पाटना है। जो पहल एक मिशन-आधारित विचार के रूप में शुरू हुई थी, वह अब धरातल पर साकार हो चुकी है और युवाओं को भारत की औद्योगिक विकास यात्रा में भागीदारी हेतु सशक्त बना रही है।
प्रमाण-पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए प्रभाकरन ने LMGSE के पहले बैच को बधाई दी और उन्हें औपचारिक रूप से लॉयड्स परिवार में स्वागत किया। गढ़चिरौली को “भारत का एक और जमशेदपुर” बनाने की अपनी परिकल्पना को दोहराते हुए उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि LMGSE से प्राप्त प्रशिक्षण एवं प्रमाण-पत्र उनके उज्ज्वल भविष्य तथा विभिन्न उद्योगों में रोजगार योग्यता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रभाकरन ने लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड की कर्मचारी शेयर स्वामित्व योजना (ESOP) की जानकारी भी दी, जिसके अंतर्गत कर्मचारियों को कंपनी के शेयर प्रदान किए जाते हैं, जिससे वे संगठन की प्रगति में भागीदार बनते हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु केवल रोजगार-योग्य नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रतीक हैं कि केंद्रित कौशल विकास, अवसर और विश्वास किसी भी क्षेत्र – विशेषकर गढ़चिरौली जैसे जिले को किस प्रकार सशक्त बना सकते हैं। उनके संबोधन ने उपस्थित सभी लोगों में आशा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली तेजी से एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां लगभग ₹3 लाख करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि, जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार प्रदान करने वाली संस्थाओं से जोड़ना है।
पंडा ने LMGSE पहल के माध्यम से कौशल विकास के प्रति लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड और बी. प्रभाकरन की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि, प्रभाकरन के नेतृत्व में पहले बैच के 193 प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित कर कंपनी में समाहित किया गया है, जो जिले में समावेशी विकास और दीर्घकालिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
LMGSE कार्यक्रम का शुभारंभ 11 दिसंबर को किया गया था, जिसके साथ पहले बैच के लिए जमीनी स्तर पर कौशल प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इस उपलब्धि के साथ, लॉयड्स मिशन फॉर ग्लोबल स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप ने गढ़चिरौली के युवाओं के लिए दूरदर्शी नेतृत्व को सार्थक परिवर्तन में बदलने वाले एक प्रभावी उत्प्रेरक के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।